युवा पीढ़ी को नशा मुक्त रखने के लिए डायट व शिक्षा विभाग ने तैयार किया पाठ्यक्रम

विद्यालयों में दी जाएगी नशामुक्ति की शिक्षा, ग्यारह अध्याय से तैयार किया गया पाठ्यक्रम
पौड़ी। शिक्षा विभाग और डायट चढ़ीगांव द्वारा ड्रग्स पर तैयार पाठ्यक्रम का ड्राफ्ट जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से पाठ्यक्रम की जानकारी लेकर इसे और भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए, ताकि इसे पाठ्यक्रम में जल्द ही शामिल किया जा सके।
जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने कहा कि यह पहल युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से छात्र नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक होंगे तथा समाज में बदलाव ला सकेंगे। जिलाधिकारी डा. चौहान ने कहा कि पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को नशे से बचाने और इससे समाज में नशा मुक्त वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डायट के अध्यापक हरिशंकर डिमरी ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में ग्यारह अध्याय शामिल हैं। जिनमें नशे के प्रभाव, अफीम और खसखस की जानकारी, नशे की लत के परिणाम, कानून, तंबाकू के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव और शिक्षा जागरूकता सहित अन्य विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम जल्द ही पुस्तक के रूप में विमोचित होगा और स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।










