यूसीसी पंजीकरण के सरलीकरण पर जोर दें: महानिबंधक
यूसीसी के महानिबंधक ने श्रीनगर मेडिकल सभागार में ली बैठक

श्रीनगर। महानिबंधक समान नागरिक संहिता डा. वी षणमुगम ने यूसीसी के सफल क्रियान्वयन हेतु नोडल अधिकारी, निबंधकों व उपनिबंधकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने उपनिबंधकों की शंकाओं का समाधान करते हुए सुझाव भी दिए। उन्होंने पंजीकरण को जटिल बनाने के बजाय इसके सरलीकरण पर जोर देने को कहा ताकि आवेदकों को असुविधा न हो।
गुरुवार को राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर के सभागार में महानिबंधक डा. वी षणमुगम की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने पीपीटी के माध्यम से जिले में यूसीसी पंजीकरण की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए जिले में 10 निबंधक और 182 उपनिबंधकों की तैनाती की गई है तथा यूसीसी पंजीकरण में पौड़ी जिले ने तेजी से कार्य किया है। जिलाधिकारी डा. चौहान ने बताया कि पंजीकरण में जो भी समस्याएं आई हैं, उनका समाधान किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वन ग्रामों के निवासियों के दस्तावेजों की कमी होने से पंजीकरण में दिक्कतें आ रही है
महानिबंधक ने सभी उपनिबंधकों को कहा कि वन ग्रामों में पंजीकरण के लिए जो भी व्यवस्था की जा सकती है, इसका प्रस्ताव बनाकर नोडल अधिकारी को दें, ताकि नोडल अधिकारी इस प्रस्ताव को शासन में भेज सकेंगे। उन्होंने उपनिबंधकों को निर्देश देते हुए कहा कि वह जांच अधिकारी बनने के बजाय आवेदकों के दस्तावेजों के सत्यता जानते हुए आवेदनों को स्वीकृत करें। यदि उन्हें किसी दस्तावेज में संदेह होता है तो संबंधित विभाग से सत्यापन कराएं। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। महानिबंधक ने कहा कि विवाह का पंजीकरण करते समय प्रतिबंधित श्रेणियों का ध्यान जरूर रखें। उन्होंने उपनिबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को सुविधा देने की मानसिकता के साथ कार्य करें। साथ ही कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां यूसीसी लागू हुआ है। इसमें हर समुदाय की भावनाओं, रीतिरिवाजों व परंपराओं का ध्यान रखा गया है।
महानिबंधक ने ई -डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि पंजीकरण संबंधी एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) का फ्लो चार्ट बनाकर उपनिबंधकों को दें। ताकि वह कोई समस्या आने पर एफएक्यू की मदद से उसका निस्तारण कर सके। बैठक में बताया गया कि यूसीसी लागू होने से 2 अप्रैल तक 7164 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उनमें 6233 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। 88.35 प्रतिशत सरकारी कर्मियों का पंजीकरण हो चुका है। जिलाधिकारी डा. चौहान ने कहा कि जल्द ही शतप्रतिशत पंजीकरण पूरे किए जाएंगे।
बैठक में नोडल अधिकारी यूसीसी, अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र सेट, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, उपजिलाधिकारी कोटद्वार सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी लैंसडौन शालिनी मौर्य, उपजिलाधिकारी चौबट्टाखाल श्रेष्ठ गुनसोला, नगर आयुक्त कोटद्वार वैभव गुप्ता, डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार, उपनिबंधक रचना शाह, नवीन कुमार, मुकेश जोशी, रोहित ठाकुर सहित दिनेश चंद्र व अन्य उपस्थित थे।










