चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने की योजना
मुख्य विकास अधिकारी ने दिए निष्क्रिय एसएचजी को पुनः सक्रिय करने के निर्देश

उत्तरकाशी(ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह)। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भटवाड़ी, डुंडा और चिन्यालीसौड़ विकास खंडों में आजीविका गतिविधियों और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को अधिक सक्रिय करने व आजीविका संसाधनों को बढ़ाने के प्रयास प्रभावी ढंग से किए जाने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल ने तीनों विकास खंडों की क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की अध्यक्ष महिलाओं से कहा कि वह निष्क्रिय स्वयं सहायता समूहों का शीघ्रता से डाटा तैयार कर उसे प्रस्तुत करें। साथ ही ब्लॉक विकास अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समूहों को पुनः सक्रिय करने की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को भी निर्देशित किया कि वह ऐसे समूहों को चिन्हित करें और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें आजीविका से जोड़ने के प्रयास करें।
मुख्य विकास अधिकारी सेमवाल ने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने में अब अधिक समय नहीं बचा है। ऐसे में यात्रा मार्गों पर स्थित आजीविका आउटलेट केंद्रों को मजबूत किया जाए और वहां स्थानीय उत्पादों का विपणन बढ़ाया जाए। उन्होंने कुल्हड़ चाय, गढ़वाली गढ़भोज, पहाड़ी मट्ठा और अन्य स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए प्रचार -प्रसार करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने डेयरी विकास के क्षेत्र में भी महिलाओं को अधिक प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। साथ ही मनरेगा से जुड़े कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कहा कि नए वित्तीय वर्ष में ऐसी कार्य योजनाओं को शामिल किया जाए, जो क्षेत्रीय विकास को गति दें।
बैठक में परियोजना निदेशक अजय सिंह, सहायक परियोजना निदेशक रमेश चंद्र, खंड विकास अधिकारी भटवाड़ी अमित ममगाईं, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय सहित विभिन्न ब्लॉकों की सीएलएफ अध्यक्ष उपस्थित रहीं।










